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फर्क

फर्क श्रमिक वर्ग के संघर्ष की गवाह --------------------------                           आनन्दप्रकाश त्रिपाठी  बीसवीं शताब्दी का छठां दशक श्रमजीवी वर्ग यानी कल- कारखानों में काम करने वाले मजदूरों के संघर्ष के लिए भी स्मरण किया जायेगा।  साहित्य, सिनेमा और राजनीति के क्षेत्र में मजदूर वर्ग के संकटपूर्ण जीवन का मार्मिक श्रमिक वर्ग के संघर्ष  पर केंद्रित मार्मिक कहानियों के लिए चर्चित इजराइल ने कथा लेखन की दहलीज पर कदम रखते ही हिंदी के पाठकों और मार्क्सवादी आलोचकों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया था। उनकी कहानियां उस जमाने की पत्र -पत्रिकाओं में प्रायः छपने लगी थीं।  इजराइल के पहले कहानी संग्रह का नाम फर्क है जिसमें  कुल चौदह कहानियां संकलित हैं। पहली कहानी दर्द का रिश्ता 1963 में प्रकाशित हुई थी और  संग्रह की अंतिम कहानी भगतराम 1977में  छपी थी । लगभग 15 वर्षों के लंबे कालखंड के समय में कहानियों के संदर्भ छिटके हुए हैं। सातवां और आठवां दशक राजनीतिक और सामाजिक उथलपुथल और परिवर्तन के लिए जाना जाता ...